रमज़ान का पाक महिना – कैसे रोज़ा रखें

रमज़ान के दिनों में जब रोज़े का वक़्त होता है मैं ने अपने दोस्तों से बात करते सुना कि किस तरह बेहतरीन तरीक़े से रोज़ा… Read More »रमज़ान का पाक महिना – कैसे रोज़ा रखें

वह दिन : अल–इनशिक़ाक़ और अत-तूर और अल मसीह

सूरा अल-इनशिक़ाक़ (सूरा 84 आफ़ताब का फटना) बयान करता है कि फ़ैसले के दिन (क़ियामत के दिन)किस तरह आसमान और ज़मीन हिलाई जाएंगी और बर्बाद… Read More »वह दिन : अल–इनशिक़ाक़ और अत-तूर और अल मसीह

वह दिन : अल – मसाद और अल – हदीद और अल मसीह

सूरा अल – मसाद (सूरा 111 – खजूर की साख्त) आखरी दिन में (रोज़े महशर) को भड़कती हुई आगा के फैसले की बाबत ख़बरदार करता… Read More »वह दिन : अल – मसाद और अल – हदीद और अल मसीह

वह ख़ास दिन : अल – क़ारीअह और अत – तकासुर और अल मसीह

सूरा अल – क़ारिअह (सूरा 101 – आफ़त) बयान करता है कि आने वाला इन्साफ़ का दिन ऐसा होगा : वह खड़खड़ाने वाली क्या है… Read More »वह ख़ास दिन : अल – क़ारीअह और अत – तकासुर और अल मसीह

वह ख़ास दिन : अत-तारिक़, अल -आदियात और अल मसीह

सूरा अत – तारिक़ (सूरा 86 – आने वाली रात) हमको आने वाले इन्साफ के दिन के लिए ख़बरदार करता है जब    बेषक ख़ुदा… Read More »वह ख़ास दिन : अत-तारिक़, अल -आदियात और अल मसीह

एक ख़ास दिन : अल – हुमज़ह और अल – मसीह

सूरा अल – हुमज़ह (सूरा 104 – बुह्तान बाँधने वाला) इन्साफ के दिन की बाबत हमको इस तरीक़े से ख़बरदार करता है : हर ताना… Read More »एक ख़ास दिन : अल – हुमज़ह और अल – मसीह

हज़रत यूसुफ़ कौन था? उसका निशान क्या था

सूरा यूसुफ़ (सूरा 12 – यूसुफ़) नबी हज़रत यूसुफ़/जोसेफ़  की कहानी कहती है । नबी हज़रत यूसुफ़ हज़रत याक़ूब (जैकब) के बेटे थे , और… Read More »हज़रत यूसुफ़ कौन था? उसका निशान क्या था

नबी हज़रत अय्यूब कौन थे ? आज वह क्यूँ अहमियत रखते हैं ?

सूरा अल – बययानह (सूरा 98 – साफ़ सबूत) एक अच्छे आदमी के लिए ज़रूरतों का बयान करता है । वह कहता है :    … Read More »नबी हज़रत अय्यूब कौन थे ? आज वह क्यूँ अहमियत रखते हैं ?

नबी हज़रत इल्यास कौन थे ? वह आज हमारी रहनुमाई कैसे कर सकते हैं ?

नबी हज़रत इल्यास (या एलियाह) के नाम का ज़िक्र तीन बार सूरा अल –-अनआम और अस — साफ़फ़ात में किया गया है । वह हम… Read More »नबी हज़रत इल्यास कौन थे ? वह आज हमारी रहनुमाई कैसे कर सकते हैं ?

क़ुरान शरीफ़ : कोई इख्तिलाफ़ नहीं ! हदीसें क्या कहती हैं

 “क़ुरान शरीफ़ असली किताब है –वही ज़ुबान, अहराफ़ और तिलावत । इंसानी तशरीह के लिए या तर्जुमे की बिगाड़ के लिए कोई मक़ाम नहीं …… Read More »क़ुरान शरीफ़ : कोई इख्तिलाफ़ नहीं ! हदीसें क्या कहती हैं