दिन छे – हज़रत ईसा अल मसीह और मुबारक जुम्मा

सूरा 62 (इबादत गुज़ारों की जमाअत, रोज़े जुम्मा—अल जुम्मा) हम से कहता है कि रोज़े जुम्मा मुसमानों के लिए नमाज़ अदा करने का दिन है,… Read More »दिन छे – हज़रत ईसा अल मसीह और मुबारक जुम्मा

दिन 5 – शैतान नीचे उतरता है कि मसीह को मारे

नबी ईसा अल मसीह अपनी ज़िन्दगी के आख़री हफ़ते के चौथे दिन अपने ज़मीन पर लौटने के निशानात की बाबत नबुवत की थी I इंजील… Read More »दिन 5 – शैतान नीचे उतरता है कि मसीह को मारे

दिन 2: हज़रत ईसा अल मसीह चुन लिये गए– जहां अल –अकसा और मौजूदा गुमबदुल सखरा हैं

येरूशलेम में अल–अक़सा के वह मक़ामात (अल मसजिदुल अक़सा या बैतुल मुक़द्दस) और पत्थर का गुम्बद (गुम्बदुल सख़रा) क्यूँ ज़ियादा अहमियत रखते हैं ? इसलिए… Read More »दिन 2: हज़रत ईसा अल मसीह चुन लिये गए– जहां अल –अकसा और मौजूदा गुमबदुल सखरा हैं

दिन 1 : ईसा अल मसीह – क़ौमों के लिए रौशनी

ईसा अल मसीह का खजूरी इतवार के दिन येरूशलेम में दाखिला उसके आखरी हफ़्ते में शुरू हुआ I सूरा अल अंबिया (सूरा 21 – अंबिया… Read More »दिन 1 : ईसा अल मसीह – क़ौमों के लिए रौशनी

नबी हज़रत ईसा अल मसीह एक ‘खोये हुए’ गददार को बचाते हैं

जिस तरह सूरा अश-शूरा (सूरा 42 – मशवरा) हम से कहता है    यही (ईनाम) है जिसकी ख़ुदा अपने उन बन्दों को ख़ुशख़बरी देता है… Read More »नबी हज़रत ईसा अल मसीह एक ‘खोये हुए’ गददार को बचाते हैं

ईसा अल मसीह की खिदमत गुज़ारी लाज़र को जिलाने में

सूरा अद – दुखान (सूरा 44 – धुआँ) हम से कहता है कि कुरेश के क़बीले ने जेल का दावा पेश करने के ज़रिये हज़रत… Read More »ईसा अल मसीह की खिदमत गुज़ारी लाज़र को जिलाने में

नबी हज़रत ईसा अल मसीह और नबी योनाह की निशानी

क़ुरेश (या कुरेशी) अरब का क़बीला था जो मक्का और का’बा को क़ाबू मेन रखता था I और वह यही क़बीला था जिस से हज़रत… Read More »नबी हज़रत ईसा अल मसीह और नबी योनाह की निशानी