ज़बूर के पैगंबर

क़ुदरत की रात, जलाल का दिन और अँबिया का कलाम

सूरा अल – क़दर (सूरा 97 – क़ुदरत) क़ुदरत की रात का ज़िकर करता है जब कुरान शरीफ का पहला मुकशफ़ा हुआ ।    हमने… Read More »क़ुदरत की रात, जलाल का दिन और अँबिया का कलाम

ज़बूर ख़तम होता है उस तय्यार करने वाले को लाए जाने के वायदे के साथ

सूरा अल मुदस्सिर – (सूरा 74  पर्दा डाला हुआ) यह तस्वीरकशी करता है नबी सल्लम की जो उन की चादर वाईए पोशिश में सख्ती से… Read More »ज़बूर ख़तम होता है उस तय्यार करने वाले को लाए जाने के वायदे के साथ